श्रीधा/ पंचांग

आज का पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ-अशुभ समय और पर्व, अपने शहर के लिए।

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पंचांग निकाला जा रहा है…

सामान्य प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू पंचांग-पत्रिका है। इसका अर्थ है "पाँच अंग": तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ इनसे पर्वों, व्रतों और शुभ कार्यों की तिथि तय की जाती है।

तिथि क्या होती है, और यह दिन के बीच में क्यों बदल जाती है?

चंद्रमा को सूर्य से 12 अंश आगे बढ़ने में जितना समय लगता है, वह एक तिथि है। यह घड़ी के हिसाब से नहीं चलती, इसलिए किसी भी समय शुरू या खत्म हो सकती है। सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। पृष्ठ पर हर तिथि के समाप्त होने का समय दिया गया है।

यह पंचांग कितना सटीक है?

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति एक भरोसेमंद खगोल-गणना पुस्तकालय से ली गई है, और अधिकांश भारतीय पंचांगों की तरह लाहिड़ी अयनांश उपयोग किया गया है। समय चुने हुए शहर के लिए IST में हैं। आपके परिवार या मंदिर के छपे पंचांग में विधि और परंपरा के अंतर से कुछ मिनट का, और कुछ पर्वों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

मेरे परिवार के पंचांग में पर्व की तारीख अलग क्यों है?

पर्व की तारीख इस नियम पर निर्भर करती है कि दिन के किस समय कौन सी तिथि है, और अलग-अलग परंपराएँ यह नियम अलग तरह से लगाती हैं। उदाहरण के लिए, जन्माष्टमी स्मार्त और वैष्णव अलग दिन मनाते हैं। हम स्मार्त परंपरा का पालन करते हैं। पूजा-विधि के लिए कृपया अपने पंडित जी से पूछें।

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल क्या हैं?

ये दिन के समय (सूर्योदय से सूर्यास्त) का आठवाँ भाग होते हैं, जिन्हें कई लोग नया कार्य शुरू करने के लिए टालते हैं। कौन सा भाग होगा, यह वार पर निर्भर है। दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त सामान्यतः शुभ माना जाता है।

क्या यह मुफ़्त है? क्या खाता बनाना पड़ेगा?

यह मुफ़्त है, कोई विज्ञापन नहीं और कोई खाता नहीं। सब कुछ आपके ब्राउज़र में निकाला जाता है, और चुना हुआ शहर केवल आपके उपकरण पर याद रखा जाता है।

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